Mamata Banerjee: बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के कथित रेप और हत्या के विरोध में तृणमूल कांग्रेस ने बालीगंज फाड़ी से हाजरा मोड़ तक एक मार्च निकाला। रैली के दौरान बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस की युवा शाखा के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। जिसके बाद पुलिस की तरफ से लाठी चार्ज किया गया। बताते चले कि Mamata Banerjee ने इस मामले पर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए है।
Mamata Banerjee के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट ने बारुईपुर घटना के विरोध में जुलूस निकालने का आह्वान किया था। कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद यह मार्च बालीगंज आउटपोस्ट से दक्षिण कोलकाता में हाजरा क्रॉसिंग की ओर शुरू हुआ।
रैली के दौरान क्या बोली ममता बनर्जी
मीडिया से बात करते हुए Mamata Banerjee ने कहा कि “राम का नाम बदनाम मत करो। जब हाई कोर्ट ने इजाज़त दे दी थी, तो आपने पुलिस को ऐसा करने की इजाज़त कैसे दी? मैं बीजेपी पर आरोप नहीं लगा रही हूँ। मैं पुलिस और प्रशासन पर आरोप लगा रही हूँ। आपको नैतिक ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए थी ताकि हम शांति से रैली कर पाते। लेकिन इसके बजाय आपने क्या किया? आपने बीजेपी वालों को 10 स्टेज, मंच और माइक्रोफ़ोन लगाने की इजाज़त दे दी।
आपने हमारे हैंड माइक तोड़ दिए, जबकि हाई कोर्ट ने हैंड माइक की इजाज़त दी थी, और हमारे कार्यकर्ताओं की पिटाई की। वे अस्पताल भी नहीं जा पा रहे हैं। उन्होंने महिलाओं को पीटा है। उन्होंने लड़कों, लड़कियों और बुज़ुर्गों को पीटा है। मुझे खबर मिली कि हमारे आईटी सेल की चेयरमैन को उन्होंने घेर लिया और उनकी पिटाई की।
#WATCH | Kolkata | Former Chief Minister Mamata Banerjee says, “Ram ka naam badnaam na karo. When High Court has given the permission, how do you allow the police? I am not blaming the BJP. I am blaming the police, the administration. You should have taken the moral… pic.twitter.com/daI5h1Ctzu
— ANI (@ANI) July 8, 2026
इसीलिए मैं उन्हें बचाने के लिए वहाँ गई थी। अगर ऐसा हो रहा है, तो कानून कहाँ है? पूरी तरह से कानून-व्यवस्था खत्म हो गई है। यह तो यूपी से भी बुरा हाल है। जब पुलिस को पता है कि हाई कोर्ट का आदेश है, तो वे उसका उल्लंघन कैसे कर सकते हैं? यह कोर्ट की अवमानना होगी। वे शांतिपूर्ण लोगों को सुरक्षा नहीं दे पा रहे हैं। वे सिर्फ़ हमारे कार्यकर्ताओं पर ज़ुल्म कर रहे हैं। हम इसकी निंदा करते हैं।”







