Suvendu Adhikari: आजादी के बाद से पहली बार पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनी है। बता दें कि बीजेपी ने बंगाल का नया मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari को बनाया है। मुख्यमंत्री बनने के बाद सुभेंदु लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे है। इसी बीच उन्होंने कैबिनेट की बैठक बुलाई, जिसमे कई अहम फैसले लिए गए।
इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की और कई जरूरी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री बनते ही सुभेंदु पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रहे है। चलिए आपको बताते है कैबिनेट बैठक में किन-किन फैसलों पर मुहर लगी है।
कैबिनेट बैठक के बाद क्या बोले Suvendu Adhikari?
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए Suvendu Adhikari ने कहा कि “आज हमारी पहली कैबिनेट बैठक में हमने बीएसएफ को जमीन हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। इस जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है।
अगले 45 दिनों के भीतर इसे गृह मंत्रालय को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने पर, बीएसएफ सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा कर लेगी और अवैध घुसपैठ की समस्या का जल्द ही समाधान हो जाएगा।”
मीटिंग के बाद बीजेपी विधायक ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा आयोजित बैठक पर भाजपा विधायक अरिजीत बख्शी ने कहा, “पांच मंत्रिमंडल मंत्रियों की नियुक्ति हो चुकी है और उन्हें विभागों का आवंटन भी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले कहा कि आने वाले दिनों में किए जाने वाले विकास कार्यों की पूरी जिम्मेदारी विधायकों की होगी। सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित परियोजनाओं की समीक्षा करने और युद्धस्तर पर काम शुरू करने के लिए अपने जिला मजिस्ट्रेटों के साथ मिलकर काम करने को कहा गया है।
उनकी यह पहल आने वाले दिनों में फलदायी साबित होगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जून से अन्नपूर्णा योजना के तहत 3000 रुपये वितरित किए जाएंगे, आयुष्मान भारत योजना भी राज्य में लागू की जाएगी और महिलाओं के लिए यात्रा निःशुल्क होगी। हालांकि पिछली सरकार ने राज्य को बहुत बुरी स्थिति में छोड़ा था, हम इसे सुधारने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे”।
इसके अलावा सीएम Suvendu Adhikari अधिकारियों को साफ तौर पर निर्देश दिया है कि किसी भी धार्मिक स्थल पर बजने वाले लाउडस्पीकर की आवाज उस परिसर से बाहर नहीं जानी चाहिए। इसके साथ ही, विशेष अवसरों को छोड़कर प्रार्थना या नमाज के लिए सड़कों को जाम करने और आम लोगों को असुविधा पहुंचाने पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।






