NEET Paper Leak 2026: नीट पेपर लीक को लेकर विपक्ष लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है। हालांकि सीबीआई की तरफ से लगातार गिरफ्तारियां की जा रही है। वहीं एक बार फिर NEET Paper Leak 2026 मामले में कांग्रेस एक्शन मोड में आ गई है। दरअसल बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता विरोध प्रदेश कर रहे है और राजस्थान में स्थित बीजेपी मुख्यालयों का घेराव किया। जिसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई है। साथ ही वॉटर कैनन भी रखा गया है, ताकि भीड़ को अलग-थलग किया जा सके।
विरोध प्रदर्शन को लेकर क्या बोले राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष?
जानकारी के मुताबिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने NEET Paper Leak 2026 के विरोध में भाजपा के राज्य मुख्यालयों का घेराव किया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और राष्ट्रीय शिक्षा प्राधिकरण (एनटीए) को भंग करने की मांग की। इसी बीच राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस मामले मे अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि “ये लोग बच्चों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान NEET पेपर लीक का सरगना है।
VIDEO | Jaipur, Rajasthan: Congress workers gherao BJP state headquarters in protest over NEET 2026 paper leak. Demand Union Education Minister Dharmendra Pradhan’s resignation and dissolution of NTA.
Rajasthan Congress President Govind Singh Dotasra says, “They are ruining the… https://t.co/pfhpBn8leC pic.twitter.com/AkytX5l7bP
— Press Trust of India (@PTI_News) May 21, 2026
धर्मेंद्र प्रधान ही इसके पीछे का मास्टरमाइंड है। पैसा कमाया जा रहा है और सरकारों को अस्थिर किया जा रहा है। राहुल गांधी ने 2024 में कहा था कि NEET के पेपर लीक हो रहे हैं और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए और चर्चा होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। लाखों बच्चों का भविष्य बर्बाद हो गया है। ये लोग हमें उपदेश देते थे, लेकिन खुद बेईमान और भ्रष्ट निकले।”
एग्जाम से पहले एक्शन में दिखें शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान
बता दें कि एनटीए की तरफ से दुबारा से नीट एग्जाम की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। इसके बाद से शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रहे है। जानकारी के मुताबिक केंद्रीय मंत्री धर्मेंद प्रधान ने NEET-UG पुनर्परीक्षा पर केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें परीक्षा के सुरक्षित, निष्पक्ष और सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी और मजबूत सुरक्षा पर जोर दिया गया। साथ ही शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और NTA के महानिदेशक ने संभावित कमजोरियों की पहचान और उनके निवारण के लिए तैयारियों की समीक्षा की।






