Electric Car: ई-20 पेट्रोल को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर गाड़ियों के मालिकों की शिकायत करते हुए वीडियोज काफी वायरल हो रहे हैं। इस बीच लोग इलेक्ट्रिक कारों की तरफ बढ़ रहे हैं। ईवी में फ्यूल की कोई टेंशन भी नहीं होती है और माइलेज भी अच्छा मिला जाता है। ऐसे में भारतीय मार्केट में ईवी की डिमांड काफी बढ़ी है। इसका असर जून 2026 में खूब देखने को मिला है। अगर आप कोई इलेक्ट्रिक कार खरीदना चाहते हैं तो पिछले महीने जून में हुई सेल के आंकड़ों को जानें। इससे अंदाजा हो जाएगा कि, ग्राहकों की पहली पसंद कौन सी कंपनी की ईवी बनी हुई है?
Electric Car जून् 2026 में कितना बिकी?
खबरों की मानें तो जून 2026 में भारत में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री ने 31,000 यूनिट्स का आंकड़ा पार कर नया रिकॉर्ड बनाया है। इनमें सबसे ज्यादा टाटा मोटर्स, महिंद्रा और एमजी मोटर की गाड़ियों को खरीदा गया है।
टाटा की किन इलेक्ट्रिक गाड़ियों को ग्राहकों ने सबसे ज्यादा खरीदा
जून 2026 में टाटा मोटर्स ने लगभग 12000 से ज्यादा गाड़ियों को बेचा है। इनमें सबसे ज्यादा सेल
Punch.ev, Nexon EV, Tiago.ev और हालहि में लॉन्च हुई Sierra EV का नाम शEमिल है।
महिन्द्रा एंड महिन्द्रा की इन ईवी की बढ़ी डिमांड
वहीं, दूसरी देसी कंपनी महिन्द्रा एंड महिन्द्रा ने भी अच्छी संख्या में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बेचा है। कंपनी ने सबसे ज्यादा
Mahindra XEV 9e, XEV 9s, BE 6 और XUV400 ईवी को खरीदा है। ग्राहकों के द्वारा लगभग 7683 ईवी यूनिट को बेचा है।
JSW MG Motor India की इलेक्ट्रिक कारों का खूब खरीद रहे लोग
वहीं, JSW MG Motor India ने भी भारत में लगभग 5811 गाड़ियों को बेचा है। इनमें सबसे ज्यादा Windsor EV, Comet EV और ZS EV को बेचा है।
Maruti Suzuki की ये कार ग्राहकों को आयी पसंद
जून के महीने में Maruti Suzuki की इलेक्ट्रिक गाड़ी में सबसे ज्यादा e Vitara बिकी है। इसकी 102 यूनिट को खरीदा गया है।
VinFast Auto India की इन इलेक्ट्रिक गाड़ियो पर ग्राहकों ने जताया भरोसा
वहीं, पांचवें नंबर पर VinFast Auto India का नाम शामिल है। इसकी सबसे ज्यादा ईवी VF 7, VF 6 और Limo Green Taxi बिकी हैं। खबरों की मानें तो इन्हें 1398 यूनिट को बेचा गया है।
भारत में E20 पेट्रोल का क्यों हो रहा विरोध?
भारत में E20 पेट्रोल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जब से सरकार ने सभी पेट्रोल पंप पर 20% इथेनॉल मिश्रण फ्यूल में मिलाने का निर्देश दिया गया है तब से इसका काफी विरोध हो रहा है। इस विरोध का प्रमुख कारण पुरानी गाड़ियों में जंग लगने का खतरा और लगभग 10-20% माइलेज में कमी होना है। ग्राहक नई गाड़ियों के इंजन खराब होने के डर, वारंटी खत्म होने की आशंका और पेट्रोल पंपों पर सिर्फ E20 उपलब्ध होने के कारण नई कार खरीदने से डर रहे हैं।






