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महिलाओं को Periods के समय मिल सकती है Leave, Supreme Court में दाखिल की गई याचिका

Periods Leave: भारत में मैटरनिटी लीव तो मिलती है लेकिन पीरियड्स के लिए कोई छुट्टी नहीं मिलती। जबकि सच तो ये है कि पीरियड्स के समय महिलाओं को इतना ज्यादा दर्द होता है जितना किसी को हार्ट अटैक आने पर होता है। ऐसा हम नहीं कह रहे ये बात कई स्टडीज में पाई गई है। ...

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By: Deepika Pandey

Published: जनवरी 11, 2023 11:54 पूर्वाह्न

Periods Leave
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Periods Leave: भारत में मैटरनिटी लीव तो मिलती है लेकिन पीरियड्स के लिए कोई छुट्टी नहीं मिलती। जबकि सच तो ये है कि पीरियड्स के समय महिलाओं को इतना ज्यादा दर्द होता है जितना किसी को हार्ट अटैक आने पर होता है। ऐसा हम नहीं कह रहे ये बात कई स्टडीज में पाई गई है। हो सकता है भविष्य में महिलाओं को पीरियड्स के दौरान अवकास मिल सके। जी हां 10 जनवरी 2023 दिन मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में महिलाओं के मासिक धर्म यानी पीरियड्स टाइम पर होने वाले दर्द के कारण छुट्टियां मिलें इसके लिए एक याचिका दाखिल की गई है।

किसने दाखिल की याचिका

बता दें कि यह याचिका वकील शैलेंद्र मणि त्रिपाठी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कराई गई है। इस याचिका में मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 की धारा 14 को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए जाने की भी मांग की गई है। इस याचिका के मुताबिक बिहार ही एकमात्र ऐसा राज्य है जो 1992 की नीति के तहत विशेष मासिक धर्म यानी पीरियड्स के समय छुट्टियां देता है। पिछले कुछ समय में कुछ राज्यों ने महीने में 2 दिन की छुट्टी का प्रावधान बनाया है।

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भारत की ये कंपनियां देती हैं पीरियड्स लीव

इस याचिका में बताया गया है कि भारत की कुछ कंपनियां ऐसी हैं जो पीरियड्स लीव देती हैं। ये कंपनियां इविपनन, स्विगी, जोमेटो, बायजुस, मैग्टर, मातृभूमि, एआरसी, फ्लाईमायबिज, गूजूप और इंडस्ट्री हैं।

महिलाओं के साथ हो समान व्यवहार

यह तो सभी जानते हैं कि भारत के सभी राज्यों में पीरियड्स लीव को लेकर अलग अलग व्यवहार किया जाता है। भारत की महिलाओं के पास भी भारतीय नागरिकता है तो सबके साथ समान व्यवहार होना चाहिए।

शशि थरूर ने मेंस्ट्रूला राइट्स बिल किया था पेश

इस याचिका में यह भी कहा गया है कि साल 2018 में शशि थरूर ने वूमेंस सेक्सुअल रिप्रोडक्टिव एंड मेंस्ट्रूअल राइट्स बिल पेश किया था। इस बिल में कहा गया था कि पब्लिक अथॉरिटी महिलाओं को फ्री में सैनिटरी पैड दे।

इन देशों में महिलाओं को मिलती है पीरियड्स लीव

इस याचिका में वकील शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने यह भी लिखा है कि कुछ ऐसे देश हैं जहां पीरियड्स लीव मिलती है। ये देश जांबिया, स्पेन, इंडोनेशिया, साउथ कोरिया, ताइवान, जापान, चीन, वेल्स और यूके शामिल हैं।

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