Cancer: क्या आप स्मोकिंग नहीं करते हैं और आपको यह लगता है कि आपको कैंसर जैसी बीमारी कुछ नहीं बिगाड़ सकती है। यहां शायद आप गलत है क्योंकि इस बारे में बात करते हुए डॉक्टर तरंग कृष्ण ने कुछ ऐसा कहा जो आपको हैरान कर देने के लिए काफी है। अगर आप स्मोकिंग नहीं भी कर रहे हैं फिर भी आपकी एक गलती आपकी लिए इससे ज्यादा बड़ी बन सकती है। दरअसल 10 सिगरेट के बराबर आप रिस्क को जिंदगी में ले रहे हैं अगर आप यह छोटी सी गलती कर रहे हैं। जानिए कैंसर एक्सपर्ट तरंग कृष्ण ने क्या कहा है।
Cancer एक्सपर्ट ने बताया क्या करने से बचें
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एक्सपर्ट तरंग कहते हैं कि अगर आप स्मोक नहीं करते फिर भी आप स्मोक करते हैं। अगर आप लगातार बैठे रहते हैं तो भी आप स्मोक करते हैं सिटिंग इससे बदतर बन सकती है। अगर आपकी 9 घंटे की ऑफिस की जॉब है और आप डेस्क पर जाकर केवल बैठे रहते हो और मूवमेंट नहीं करते मतलब आप 10 सिगरेट पी रहे हैं। यह वाला नशा सबसे ज्यादा गंदा नशा है। आप अपनी इम्यून सिस्टम को खराब कर रहे हैं। एक्सपर्ट कहते हैं कि आप इस डेस्क पर खाना खा रहे हैं बैठ रहे हैं किताबें पढ़ रहे हैं और आप अपनी इम्यूनिटी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
बीमारी से दूर रहने के लिए क्या करने की है जरूरत
ऐसे में कैंसर एक्सपर्ट कहते हैं कि जब भी आपके पास टाइम मिलता है तो आप उठ जाए। अपना फोन ले और किसी से बात करें। वहीं एक्सपर्ट यह भी कहते हैं कि हर 30 मिनट के बाद आपको मूवमेंट करने की जरूरत होती है। आप इस दौरान वॉक करें क्योंकि यह न्यू स्मोक आपके लिए खतरा बन सकता है। अगर आप भी बिना मूवमेंट के 9 घंटे बैठे रहते हैं तो आप अपने जिंदगी के साथ रिस्क ले रहे हैं और ऐसे में इस आदत को बदलने की जरूरत होती है।
दिन भर बैठने से हो सकती है ये स्वास्थ्य समस्याएं
जहां तक बात करें दिन भर बैठकर काम करने से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं की तो इससे पेट, कमर और गर्दन में दर्द की स्थिति बन सकती है। मोटापा और वजन बढ़ने के साथ-साथ हृदय रोग का खतरा होता है। टाइप 2 डायबिटीज के साथ-साथ कमजोर हड्डी और ब्लड सरकुलेशन के साथ पाचन में समस्याएं आ सकती हैं। स्ट्रेस और थकान का अनुभव भी होता है। इतना ही नहीं कैंसर का खतरा भी बताया गया है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






