मंगलवार, जून 25, 2024
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Electric Vehicles होंगे सस्ते? महंगी लिथियम-आयन बैटरियों को बदलने के लिए तीन तकनीकों पर काम जारी, जानें डिटेल

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UP News: परिवहन के क्षेत्र में वर्तमान स्थिति को देखते हुए कहा जा रहा है कि भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहन ही ज्यादातर सड़कों पर नजर आएंगे। इससे लोगों की बचत होने के साथ ही पर्यावरण पर भी कम असर पड़ेगा।

Electric Vehicles: देश में ईंधन के दाम अभी भी आसमान छू रहे हैं। ऐसे में काफी लोग पेट्रोल वाहनों की बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) की ओर रुख कर रहे हैं। फिलहाल इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने के लिए काफी अधिक पैसे चुकाने पड़ते हैं। मगर आने वाले दो से तीन सालों में इलेक्ट्रिक दो पहिया वाहनों के दाम पेट्रोल वाहनों के बराबर आ सकते हैं।

Electric Vehicles होंगे सस्ते?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बीते कुछ महीनों में इलेक्ट्रिक दो पहिया वाहनों की कीमतों में कमी आई है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इनकी कीमत में 20 से 25 हजार रुपये की कटौती देखी गई है। ये आने वाले समय में प्रभावी हो सकती है। इसकी मुख्य वजह है कि इलेक्ट्रिक दो पहिया वाहनों की बैटरी की कीमत में कमी आई है। वहीं, लिथियम आयन बैटरी के विकल्पों पर काम चल रहा है। जानें डिटेल-

मैगनीशियम बैटरी पर काम जारी

आपको बता दें कि लिथियम और सोडियम दोनों ही अच्छे ऑप्शन हैं। ऐसे में मैगनीशियम लिथियम या सोडियम से अधिक चार्ज ले सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस पदार्थ से बनी बैटरियों की ज्यादा ऊर्जा घनत्व, अधिक स्थिरता और कम लागत आएगी।

कई शोध में दावा किया गया है कि बैटरी डिस्चार्ज के दौरान मैग्नीशियम परमाणु दो-दो इलेक्ट्रॉन छोड़ सकते हैं, जबकि लिथियम परमाणु केवल एक इलेक्ट्रॉन छोड़ सकते हैं। मैग्नीशियम संभावित रूप से लिथियम की तुलना में दोगुनी ऊर्जा ट्रांसफर कर सकता है।

सोडियम-आयन बैटरी का विकल्प

लिथियम आयन बैटरी के विकल्पों की बात आती है तो इसकी कैमिकल संरचना काफी हद तक नमक के जैसी ही है। मगर इसका पर्यावरणीय प्रभाव काफी कम है। ऐसे में कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि कुछ एक्सपर्ट्स ने ये दावा किया है कि लिथियम बैटरियों के संभावित समाधान के रूप में सोडियम-आयन बैटरी अच्छा विकल्प साबित हो सकती है। सोडियम-आयन बैटरियां सोडियम के उच्च घनत्व के कारण लिथियम बैटरियों की तुलना में अधिक भारी और कम शक्तिशाली होंगी। फिलहाल इन पर रिसर्च जारी है।

आयरन बैटरी पर काम जारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोहे में लिथियम की तुलना में ज्यादा रेडॉक्स क्षमता होती है। जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका की साफ एनर्जी वाली ओरेगॉन कंपनी ने हाल ही में इस तकनीक में भारी निवेश किया है। मौजूदा दौर में लोहे की बैटरियां बैटरियां लिथियम बैटरियों की तुलना में बहुत बड़ी है। ऐसे में ये फोन और इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) के लिए अनुचित विकल्प बनाता है। हालांकि, फिर भी ये लिथियम बैटरी की तुलना में एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

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Amit Mahajan
Amit Mahajanhttps://www.dnpindiahindi.in
अमित महाजन DNP India Hindi में कंटेंट राइटर की पोस्ट पर काम कर रहे हैं.अमित ने सिंघानिया विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में डिप्लोमा किया है. DNP India Hindi में वह राजनीति, बिजनेस, ऑटो और टेक बीट पर काफी समय से लिख रहे हैं. वह 3 सालों से कंटेंट की फील्ड में काम कर रहे हैं.

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